शास्त्र-मन्त्र - जैन धर्म

Abhishek Jain
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 शास्त्र-मन्त्र

१. इह लोए, पर लोए,

सुहाण - मूलं नवकारो |

२. नमो जिणाणं,

जिय भयाणं ।

३. नमो चउवीसाए तित्थगराणं,

उसभादि महावीर पज्ज्वसाणाणं

जानिये - जैन धर्म में सामायिक क्या होती है ?

शास्त्र-मन्त्र

" जय जिनेन्द्र "

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