🕊️ जैन शांति पाठ 🕊️
विधि, नियम और चमत्कारी लाभ
जैन धर्म में शांति पाठ (Jain Shanti Paath) केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का पुंज है। इसमें विश्व-कल्याणकारी नवकार महामंत्र की शक्तियाँ समाहित हैं।
📝 पाठ करने के विशेष नियम
- यह पाठ लगातार 21 दिन तक करना अनिवार्य है।
- मनोकामना सिद्धि हेतु प्रतिदिन 21 बार पाठ करें।
- पाठ के समय मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें।
- पूर्ण शुद्धता और स्थिरता के साथ जाप करें।
📖 पाठ पढ़ने की सरल विधि
पद - 1
जहाँ 1 है, वहाँ पढ़ें:
नमो अरिहंताणं
पद - 2
जहाँ 2 है, वहाँ पढ़ें:
नमो सिद्धाणं
पद - 3
जहाँ 3 है, वहाँ पढ़ें:
नमो आयरियाणं
पद - 4
जहाँ 4 है, वहाँ पढ़ें:
नमो उवज्झायाणं
पद - 5
जहाँ 5 है, वहाँ पढ़ें:
नमो लोए सव्व साहूणं
इस प्रकार नियमपूर्वक पाठ पूर्ण करने के पश्चात अंत में कहें:
"तस्स मिच्छामी दुक्कड़म"
॥ जय जिनेन्द्र ॥